जानता नहीं कि आसूं मेरे बाक़ी हैं कितनों का हौसला बढ़ाते चला जहाँ जो भी हो, या जितने जानता नहीं कि आसूं मेरे बाक़ी हैं कितनों का हौसला बढ़ाते चला जहाँ जो भी हो...
बिन बोले हो गए हम एक दूसरे के। लाखो वादे निभाए साथ में और कई सारे अभी बाकी हैं, बस बिन बोले हो गए हम एक दूसरे के। लाखो वादे निभाए साथ में और कई सारे अभी ब...
मैं जिक्र नहीं कर रही हूं विदेशों में होने वाले युद्ध, या तीसरी दुनिया के सारे देशों मैं जिक्र नहीं कर रही हूं विदेशों में होने वाले युद्ध, या तीसरी दुनिया के ...
जो साल चला गया उसकी क्या सोचे अब, २०२२ की शुरुआत बेहतरीन होनी चाहिए। जो साल चला गया उसकी क्या सोचे अब, २०२२ की शुरुआत बेहतरीन होनी चाहिए।
अशांत कोलाहल की जिंदगी से दूर शांति का दूत बनेगाI अशांत कोलाहल की जिंदगी से दूर शांति का दूत बनेगाI
वो सारे सिक्के रखे हैं मेरे ख़ज़ाने मैं, जिसे लगे थे तुम अपना बनाने मैं । वो सारे सिक्के रखे हैं मेरे ख़ज़ाने मैं, जिसे लगे थे तुम अपना बनाने मैं ।